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Sunday, 20 January 2019

प्रिंसिपल समेत 22 सस्पेंड शिक्षक बहाल

18 jan 2019, page No.15



- सस्पेंशन रिव्यू कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला
- जोनल लेवल पर अब नहीं होगा सस्पेंशन

औचक निरीक्षण के दौरान गायब पाए गए शिक्षकों को बहाल करने का निर्देश जारी किया गया है। गुरूवार को नॉर्थ एमसीडी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक नॉर्थ एमसीडी की सस्पेंशन रिव्यू कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। बैठक में यह फैसला लिया गया है कि इन सभी को बहाल किया जाए लेकिन इन सभी के खिलाफ जांच जारी रहेगी। बता दें कि गत वर्ष जून माह के दौरान रोहिणी जोन के निठारी गांव स्थित एमसीपीएस नंबर-2 स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान कूल के प्रिंसिपल समेत 22 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया था। ऑफिस ऑर्डर एक जून को जारी किया गया था। डायरेक्टर एजुकेशन की ओर से जारी ऑफिस ऑर्डर में कहा गया था कि सभी को प्रोविजंस ऑफ रेगुलेशन 5(2) ऑफ डीएमसी सर्विसेज (कंट्रोल एंड अपील) रेगुलेशंस एक्ट, 1959 के तहत सस्पेंड किया गया है और पूरी इंक्वायरी होने तक सस्पेंड ही रहेंगे। 

औरों को भी है बहाली का इंतजार
निगम में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले कई शिक्षक आज भी अपनी बहाली का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन निगम उनकी सुध तक नहीं ले रहा है। ऐसे ही एक मामला है दिल्ली दर्शन घोटाले का पर्दाफाश करने वाले शिक्षक महिंद्र शर्मा व अन्य का। यहां पर चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी को लगभग साढे चार से अधिक सस्पेंशन समय बीत जाने के बाद भी बहाल नहीं किया गया है। न ही इस मामले में जांच सही तरीके से शुरू की गई है। सबसे गंभीर बात तो यह है कि इस मामले की बिना किसी कारण कई महीनों से जांच रोक दी गई है। 

जोनल लेवल पर नहीं होगा सस्पेंशन
साथ ही कमिश्नर की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें साफ तौर पर स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी जोनल डिप्टी कमिश्नर या अथॉरिटी किसी भी निगम कर्मचारी को न तो सस्पेंड कर सकते हैं और सस्पेंशन को रद्द कर सकते हैं। इस तरह के फैसले लेने का अधिकार केवल कमिश्नर का है। सर्कुलर में कहा गया है कि कई मामले सामने आए हैं जिनमें यह देखा गया है कि जोनल लेवल पर ही सस्पेंड और सस्पेंशन रद्द किया जा रहा है। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि सर्कुलर में इसके लिए निर्देश की जगह सुझाव का इस्तेमाल किया गया है। इससे एक सशक्त कमिश्नर के फैसले पर सवाल खड़ा हो गया है। 


- राजेश रंजन सिंह
साभार: पंजाब केसरी