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Tuesday, 8 January 2019

इंक्रेडिबल इंडिया : चूहों वाला मंदिर




मुगल शैली में बना है करणी माता मंदिर
कहते हैं चूहों की वजह से प्लेग जैसी जानलेवा बीमारी फैलती हैं। यदि इनसे इंफैक्शन फैल जाए तो जान तक चली जाए। लेकिन एक ऐसी भी जगह है जहां पर सौ-दौ सौ नहीं बल्कि हजारों की संख्या अनगिनत चूहे रहते हैं और इनका झूठा प्रसाद खाया और पानी पीया जाता है। यहां आकर आप भी कह उठेंगे इंक्रेडिबल इंडिया। दरअसल, राजस्थान के बीकानेर में एक मंदिर है जिसे करणी माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। बीकानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर देशनोक में स्थित यह मंदिर करणी माता को समर्पित है। बता दें कि करणी माता को दुर्गा माता के अवतार के रूप में मना जाता है। कहा जाता है कि 15 वीं शताब्दी में बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने करणी माता के मंदिर का निर्माण कराया था। यह शायद एकमात्र ऐसा हिंदू मंदिर है जिसे मुगल शैली की वास्तुकला से प्रभावित हो कर बनवाया गया था।


सफेद चूहा दिख जाए तो लाइफ बन जाए 
यहां आने वाले श्रद्धालुओं को यह खास ध्यान रखना पड़ता है कि पैरों की नीचे कोई चूहा न आ जाए। मंदिर के नियमों के मुताबिक चूहों को किसी भी प्रकार से कोई हानि नहीं पहुंचनी चाहिए। चूहे को हानि पहुंचाना मंदिर में एक बहुत बड़ा पाप माना जाता है। कहा जाता है कि यदि गलती से भी कोई चूहा किसी की गलती की वजह से मर जाए तो सोने या चांदी का चूहा मंदिर में देना पड़ता है। इस मंदिर को लेकर एक खास मान्यता है कि यदि आने वालों को सफेद चूहा दिख जाए तो मनोकामना पूर्ण होती है। इस मंदिर के चूहों की एक खासियत यह भी है कि सुबह और शाम की आरती के समय अधिकांश चूहे बाहर आ जाते हैं और माता पर चढ़ाए प्रसाद को पहले खाते हैं।








माता ने जीवित रखने के लिए बनाया चूहा
इस मंदिर को लेकर ढेरों लोक कथाएं प्रचालित हैं। उनमें से ही एक कथा है कि एक समय करीब बीस हजार सैनिक एक जंग से अपनी जान बचा के भाग खड़े हुए थे और सभी सैनिक देशनोक पहुंच गए। उस समय जंग से भागना बहुत बड़ा जुर्म माना जाता था और मौत की सजा दी जाती थी। लेकिन करणी माता ने सब पर रहम करते हुए जान नहीं ली। चूंकि सजा देना ही था तो उन्होंने सजा के तौर पर माता ने सभी को चूहा बना दिया। चूहा बनाने के बाद जिस जगह आज मंदिर बना है वह जगह उन्होंने चूहों को रहने के लिए दे दी। चूहों ने भी प्रण ले लिया कि वह सदैव ही माता के पास रहेंगे। कहा जाता है कि इनमें से कोई चूहा नहीं मरता। न ही इन चूहों में से कोई बाहर जाता है और न ही कोई बाहर से अंदर आता है।