Showing posts with label कविता. Show all posts
Showing posts with label कविता. Show all posts

Friday, 11 January 2019

मुद्दत हुई कि...❤
मुद्दत हुई कि हम मिले थे
कितना हसीं था वो लम्हा
जब थामा था मैंने तुम्हारा हाथ
कांपने लगे थे तुम्हारें होंठ
एक सिहरन सी दौड़ गई थी
पूरे बदन में तुम्हारे
कंपकंपाते होठों से ही तुमने
चूमा था मेरे होठों को
और कहा था न जाना छोडक़र कभी
पर ये क्या
बसंत की तरह आए थे
जीवन में
और नैनों को भादो करके चले गए
हम तो उसी लम्हें में जिए जा रहे हैं
मोहब्बत के नाम पर वो लम्हा ही काफी है
मुझे उस लम्हें से ही मोहब्बत ❤है।
©राजेश रंजन सिंह