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Tuesday, 13 February 2018

CBSE National Level Science Exhibition 2017-18

सीबीएसई की ओर से आयोजित नेशनल लेवल साइंस एग्जीबिशन का समापन हो गया है। इस एग्जीबिशन के नेशनल राउंड के लिए देशभर से 885 बच्चों का चयन किया गया था। इन सभी ने एग्जीबिशन में एग्रीकल्चर, एनर्जी, एनवॉयरनमेंट और रिसोर्सेस थीम पर आधारित मॉडल्स तैयार किए थे। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सीबीएसई द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। रोहिणी स्थित माउंट आबू पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न स्कूलों से आए छात्रों ने अपने-अपने मॉडलों के द्वारा अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी, वेस्ट मैनेजमेंट एंड वाटर बॉडी कंजर्वेशन, डिजिटल एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन, मैथेमैटिक मॉडलिंग जैसे विषयों को शामिल किया गया था। बता दें कि स्कूली स्तर पर छात्रों के सर्वांगीण विकास व बच्चों के बीच वैज्ञानिक समझ विकसित करने कि लिए सीबीएसई द्वारा हर साल साइंस एग्जीबिशन का आयोजन नेशनल व जोनल लेवल पर किया जाता है।
कम्यूनिटी हेल्थ एंड इन्वॉयरमेंट, लैंड माक्र्स इन साइंस एंड मैथ, इन्फॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी, एनर्जी रिसोर्स एंड कंजर्वेशन ट्रांसपार्ट, वेस्ट मैनेजमेट विषयों पर भी मॉडल तैयार किए गए थे। सीबीएसई के शिक्षा अधिकारियों के अनुसार इन प्रदर्शनियों से अपेक्षा की जाती है कि छात्र तथा अध्यापक साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास तथा नए रिसर्च द्वारा समाज में प्रगति लाने एवं उन्हें और बेहतर करने में मानव प्रयासों के सभी पहलुओं पर विचार करेंगे जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके। मॉडल प्रदर्शित करने वालों छात्रों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से समाज और पर्यावरण की विभिन्न समस्याओं से संबद्ध वैज्ञानिक विचारों का सृजन करने में भी सहायता मिलती है।

Monday, 22 January 2018

Republic Day & ASEAN

राजपथ पर माउंट आबू स्कूल के छात्र दिखाएंगे आसियान देशों की संस्कृति
सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों की संस्कृति को देखने के लिए अब इन देशों में जाने की कोई जरूरत नहीं है। इसे जल्द ही राजपथ पर देखा जा सकेगा। दरअसल, भारतीय गणतंत्र दिवस के परेड समारोह में इस बार सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, जैसे देशों की संस्कृति से संबंधित कार्यक्रम को शामिल किया गया है। दौरान राजपथ पर इन देशों के पहनावे से लेकर संगीत का लुत्फ उठाया जा सकेगा।

150 स्कूली छात्र और 10 देशों की संस्कृति 
बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह 2018 के लिए भारत की ओर से आसियान (एसोसियशन ऑफ साउथ ईस्ट नेशंस) देशों के सभी राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब गणतंत्र दिवस समारोह पर एक साथ दस देशों के राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए परेड के दौरान इन देशों की संस्कृति, संगीत, वेशभूषा को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम को रोहिणी सैक्टर-5 के माउंट आबू स्कूल के छात्र बखूबी पेश करेंगे।  इनमें 150 बच्चे हैं।

स्कूल ग्राउंड से लेकर राजपथ तक परेड की रिहर्सल 
गणतंत्र दिवस के मौके पर आसियान देशों की झलक पेश करने के लिए ये छात्र जमकर मेहनत कर रहे हैं। स्कूली छात्र परेड की तैयारियों के मद्देनजर स्कूल ग्राउंड से लेकर राजपथ तक परेड की रिहर्सल में जुटे हैं। छात्र राजपथ पर देश के साथ-साथ आसियान देशों की मिलीजुली संस्कृति पेश करने को देशभक्ति बताते हैं।

राजपथ पर आसियान की झलक
परेड के दौरान 150 छात्र भारत के अलावा 10 आसियान देशों की वेशभूषा, रीति-रिवाज, नृत्य, संगीत को पेश करेंगे। इस दौरान भारतीय संस्कृति, देश की छठा व धार्मिक विचारों की भी छवि राजपथ पर ये छात्र प्रदर्शित करेंगे। राजपथ पर छात्र कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, ब्रुनेई, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम की वेशभूषा में दिखाई देंगे। कार्यक्रम के दौरान छात्र आसियान सदस्य देशों का झंडा, देशों के नाम संबंधित बैनर, फुल के गुच्छे हाथों में थांमे आपसी भाईचारे का संदेश देंगे।

देशभक्ति का जोश  
बैंड की धुन पर की गई रिहर्सल के दौरान बच्चों का देशभक्ति के प्रति जज्बा देखते ही बनता था। इनमें विभिन्न कक्षाओं के छात्र शामिल हैं। रिहर्सल के दौरान छात्र परेड के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं। रिहर्सल कर रहे छात्र देशभक्ति के जोश से लबरेज दिखे। इन छात्रों का मानना है कि मेहमान देशों की संस्कृति से संबंधित कार्यक्रम उन देशों के राष्ट्राध्यक्षों के समक्ष पेश करने से भारत के साथ इन देशों के संबंध और प्रगाढ़ होंगे। इससे हमारे देश को ही कहीं न कहीं फायदा होगा। इस कार्य को छात्र देशहित में किया गया काम मान रहे हैं।