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Tuesday, 13 February 2018

10 Feb 2018, Page No.10, Punjab Kesari

Saturday, 27 January 2018

पानी की गुणवत्ता मामले में सिविक बॉडीज के हेड तलब


जल बोर्ड, एनडीएमसी, दिल्ली कैंट बोर्ड और सीजीडब्ल्यूए को आवश्यक आंकड़ा उपलब्ध कराने पर लगाई फटकार

एनजीटी ने दिल्ली की विभिन्न सिविक बॉडीज की खिंचाई की है। यह खिंचाई एनजीटी द्वारा कई बार दिए गए निर्देशों के बाद भी पीने के पानी की गुणवत्ता पर आंकड़ा नहीं सौंपने के लिए की गई है। साथ ही एनजीटी ने पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों के रूख को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। सुनवाई के दौरान एनजीटी एक्टिंग चेयरपर्सन जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली बेंच ने संबंधित सिविक बॉडीज के हेड को समन जारी किया है। इसके तहत दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ, दिल्ली कैंट बोर्ड के सीईओ, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के कमिश्नर को एनजीटी के समक्ष 31 जनवरी को तलब किया गया है। बेंच ने कहा कि जल बोर्ड, एनडीएमसी, दिल्ली कैंट बोर्ड और सीजीडब्ल्यूए को आवश्यक आंकड़ा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। लेकिन अभी तक न तो आंकडे एकत्र किए गए और न ही उनका विश्लेषण किया गया है। मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी। सुनवाई के दौरान एनजीटी को जानकारी दी गई कि इस मामले एनजीटी के 10 दिसंबर, 2015 को दिए गए निर्णय का अनुपालन करते हुए दो बैठकें आयोजित की गई हैं। बता दें कि दिल्ली के घरों में आपूर्ति किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर एनजीटी ने संज्ञान लिया था। इस मामले को लेकर एनजीटी ने इंवायरमेंट सेक्रेटरी, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (सीपीसीसी), दिल्ली जल बोर्ड व तीनों निगमों के अधिकारियों को लेकर एक कमेटी गठित की थी। इसके तहत एक विस्तृृत रिपोर्ट मांगी गई थी।

Monday, 22 January 2018

द्वारका में इंटरनेशनल एग्जिीबिशन कम कंवेंशन सेंटर के लिए काटे जाएंगे 1961 पेड़


एशिया का सबसे बड़ा एग्जिीबिशन कम कंवेंशन सेंटर बनाने की है तैयारी
पर्यावरणविदों ने उठाए सवाल


दिल्ली को वल्र्ड क्लास सिटी बनाने के लिए एक बार फिर से यहां पर हजारों पेड़ों की बलि दी जाएगी। द्वारका सबसिटी में मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट इंटरनेशनल एग्जिीबिशन कम कंवेंशन सेंटर (ईसीसी) के लिए लगभग दो हजार पेड़ काटे जाएंगे। खास बात यह है कि इसके लिए इस प्रोजेक्ट को इंवायरमेंटल क्लीयरेंस भी मिल चुका है। ऐसे में एक प्रोजेक्ट के लिए इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटे जाने का विरोध भी शुरू हो गया है। पर्यावरण से जुड़े लोग अब इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इन लोगों का कहना है कि पहले ही दिल्ली मैट्रो जैसे प्रोजेक्टों के लिए दिल्ली में हरियाली का विनाश किया जा चुका है। जिसका खामियाजा आज दिल्ली की जनता को प्रदूषण के रूप में भुगतना पड़ रहा है। यदि द्वारका में इतने बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

काटे जाएंगे 1961 पेड़
द्वारका सैक्टर-25 में लगभग 26,000 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल एग्जिीबिशन कम कंवेंशन सेंटर बनाया जाना है। इसके लिए बकायदा एक सर्वे कराया गया था जिसके बाद रिपोर्ट पेश की गई कि इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए 1961 पेड़ों को काटने की जरूरत होगी। बता दें कि इस इंटरनेशनल लेवल के कंवेंशन सेंटर के निर्माण के लिए दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कोरपोरेशन लिमिटेड को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है।

89.72 हेक्टेयर में बनेगा कंवेंशन सेंटर
द्वारका के सेक्टर-25 में 89.72 हेक्टेयर भूमि को इस परियोजना के लिए डीडीए ने स्थानांतरित किया था। इसका बिल्ट-अप एरिया 10.2 लाख वर्ग मीटर होगा। यहां पर एग्जिीबिशन हॉल, कंवेंशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल्स, फाइनेंशियल सेंटर, होटल, फूड एंड बिवरेड आउटलेट्स के अलावा ऑफिस, रिटेल और सर्विस अपार्टमेंट की भी सुविधा होगी। एक बार में यहां पर पांच हजार से दस हजार प्रतिनिधियों की मेजबानी करने की क्षमता होगी।

-राजेश रंजन सिंह
साभार पंजाब केसरी